मैंने एक बुजुर्ग से पूछा :
आज के समय में सच्ची
इज्जत किसकी होती है ?
आज के समय में सच्ची
इज्जत किसकी होती है ?
✡ बुजुर्ग ने जवाब दिया :
इज्जत किसी इन्सान की
नहीं होती, बल्कि इज्जत
तो जरुरत की होती है ।
इज्जत किसी इन्सान की
नहीं होती, बल्कि इज्जत
तो जरुरत की होती है ।
✡ क्योंकि जहाँ पर जिसकी
"जरुरत" खत्म, वहाँ पर
उसकी "इज्जत" खत्म !!
"जरुरत" खत्म, वहाँ पर
उसकी "इज्जत" खत्म !!
शुभ: प्रभात्
आज का दिन
आपका शुभ हो.
आपका शुभ हो.
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