इस बार पटाखे इस दुकान से लुंगा!
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मां:-हरामजादे, ये पटाखों की दुकान नहीं लड़कियों
का हॉस्टल है
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लड़का:- मुझे क्या पता,,
एक दिन पापा कह
रहे थे कि यहां एक से एक धांसु पटाखे हैं
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पापा : बेटा तुम्हारे रिजल्ट का क्या हुआ?
पप्पू : पापा 80% आये हैं।
रिजर्वेशन तो ऑनलाइन होता है,
पापा : पर मार्कशीट पर तो 40%लिखा है?
पप्पू : बाकी आधार कार्ड लिंक होने पर अकाउंट में 40% सब्सिडी में आएंगे।
रिजर्वेशन तो ऑनलाइन होता है,
इसमें आंदोलन क्या करना.
...अलिया भट्ट
: प्रोफेसर ने हिंदी क्लास मैं पुछा -
गाली की परिभाषा बताओ ...
स्टूडेट बोला - अत्यधिक क्रोध आने पर शारीरिक
रूप से हिंसा न करते हुए, मौखिक रूप से
की गयी हिंसात्मक
कार्यवाही के लिए चुने गए
शब्दों का समूह , जिसके उच्चारण के पश्चात
मन को असीम शांति का अनुभव होता हैं , उसे
हम गाली कहते हैं !!
प्रोफेसर बोले - आपके चरण कहाँ हैं प्रभु
एक गिरगिट मदिंर के पास झाड़ियों में बैठा रहता था।
मदिंर मेँ लोगों को पूजा करते देख गिरगिट भी भगवान की भक्ति करने लगा।
भगवान गिरगिट की भक्ति से प्रसन्न हुऐ और बोले - माँगों तुम्हेँ क्या चाहिए ?
गिरगिट - प्रभु मुझे अगले जन्म मेँ गिरगिट ही बनाना....
भगवान - हम किसी को दो बार एक ही चीज नही बना सकते कुछ और माँगों।
गिरगिट - तो प्रभु मुझे अगले जन्म मेँ केजरीवाल बना देना।
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भगवान - चालाकी नहीँ ....
कहा ना कि दो बार गिरगिट नहीँ बना सकते !
एक बार एक पिता अपने पुत्र के कमरे के बहार से निकला तो देखा, कमरा एकदम साफ़। नयी चादर बिछी हुई और उसके उपर रखा एक पत्र।
इतना साफ़ कमरा देखकर पिता अचम्भित हो उठा। उसने वो पत्र खोला। उसमे लिखा था।
प्रिये पिता जी,
मैं घर छोड़कर जा रहा हूँ। मुझे माफ़ करना। आपको मैं बता देना चाहता हूँ मैं दिव्या(वर्मा अंकल की बेटी) से प्यार करता था लेकिन दोनों परिवार की दुश्मनी को देखते हुए मुझे लगा आप सब हमारे रिश्ते के लिए तैयार नहीं होंगे।
दिव्या आपको या मम्मी को पसंद नहीं क्यूंकि वो शराब पीती है। लेकिन आप सब नहीं जानते शराब पीने वाला कभी झुठ नहीं बोलता। मैं सुबह में जल्दी इसलिए निकला क्यूंकि मुझे उसकी जमानत करनी थी वो रात कुछ दोस्तों के साथ चरस पीती पकड़ी गयी थी और सबसे पहले उसने मुझे फ़ोन किया। क्या ये प्यार नहीं? वो आपको और मम्मी को गालियाँ देती रहती है उसको सास ससुर पसंद नहीं इसलिए हम सबके लिए ये ही अच्छा है हम अलग रहे।
रही बात मेरी नौकरी नहीं है तो उसका भी इंतज़ाम दिव्या ने कर लिया है उसने मुझे पॉकेट मारना सिखा दिया। उपर से उसके दोस्तों का अपना ड्रग्स सप्लाई का बिज़नस भी है। वो भी सिख ही लूँगा।
अपनी लाइफ तो सेट है पापा। बस आपका आशीर्वाद चाहिए।
आपका प्यारा बेटा
सुमित।
पेज के अंत में लिखा था PTO
पिता ने अपने कापते हाथो से पत्र पलता तो उसपर लिखा था।
"चिंता न करो सामने वालो के यहाँ मैच देख रहा हूँ। बस ये बताना था कि मेरे रिजल्ट से भी बुरा कुछ हो सकता है। इसलिए थोड़े में संतोष करो। Side table में रिजल्ट पड़ा है। Sign कर देना कॉलेज में जमा करना है।