Monday, 22 June 2015

एक गिरगिट मदिंर के पास झाड़ियों में बैठा

एक गिरगिट मदिंर के पास झाड़ियों में बैठा रहता था।

मदिंर मेँ लोगों को पूजा करते देख गिरगिट भी भगवान की भक्ति करने लगा।

भगवान गिरगिट की भक्ति से प्रसन्न हुऐ और बोले - माँगों तुम्हेँ क्या चाहिए ?

गिरगिट - प्रभु मुझे अगले जन्म मेँ गिरगिट ही बनाना....

भगवान - हम किसी को दो बार एक ही चीज नही बना सकते कुछ और माँगों।

गिरगिट - तो प्रभु मुझे अगले जन्म मेँ केजरीवाल बना देना।
.
.
.
.
भगवान - चालाकी नहीँ ....
कहा ना कि दो बार गिरगिट नहीँ बना सकते !

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.