Tuesday, 5 April 2016

आगे सफर था और पीछे हमसफर था..


आगे सफर था और पीछे हमसफर था..

रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हमसफर छूट जाता..

मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी..
ए दिल तू ही बता,उस वक्त मैं कहाँ जाता...
मुद्दत का सफर भी था और बरसो
का हमसफर भी था
रूकते तो बिछड जाते और चलते तो बिखर जाते....
यूँ समँझ लो,
प्यास लगी थी गजब की...
मगर पानी मे जहर था...
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.


बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!

वक़्त ने कहा.....काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा....काश थोड़ा और वक़्त होता!!!

सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब...।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।


"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है और "किस्मत" महलों में राज करती है!!

"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,
पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"..
अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!!
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया....
अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ......

अचानक रात को 2 बजे पत्नी ने पति को नींद से जगाया

अचानक रात को 2 बजे पत्नी ने पति को नींद से
जगाया
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पत्नी : " फिल्म त्रिदेव में कौन-कौन सी हीरोइन थी
" ??
पति : " माधुरी दीक्षित , संगीता बिजलानी और
सोनम " !!
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पत्नी : " फिल्म दिल वाले दुल्हनिया ले जायेंगे में
काजोल का क्या नाम था " ??
पति : " सिमरन " !!
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पत्नी : " सामने वाले फ्लैट में आई कविता को
सोसाइटी में आए कितना टाइम हुआ है " ??
पति : " दो महीने "
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" लेकिन तुम ये सब क्यूँ पूछ रही हो " ??
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पत्नी : " आज मेरा बर्थडे था "
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" सन्नाटा " !!!!!!!!
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एक इंसान घने जंगल में भागा जा रहा था। शाम हो गई थी।

एक इंसान घने जंगल में भागा जा रहा था।

शाम हो गई थी।

अंधेरे में कुआं दिखाई नहीं दिया और वह उसमें गिर गया।

गिरते-गिरते कुएं पर झुके पेड़ की एक डाल उसके हाथ में आ गई। जब उसने नीचे झांका, तो देखा कि कुएं में चार अजगर मुंह खोले उसे देख रहे हैं |

जिस डाल को वह पकड़े हुए था, उसे दो चूहे कुतर रहे थे।

इतने में एक हाथी आया और पेड़ को जोर-जोर से हिलाने लगा।

वह घबरा गया और सोचने लगा कि हे भगवान अब क्या होगा ?please

उसी पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा था।

हाथी के पेड़ को हिलाने से मधुमक्खियां उडऩे लगीं और शहद की बूंदें टपकने लगीं।

एक बूंद उसके होठों पर आ गिरी। उसने प्यास से सूख रही जीभ को होठों पर फेरा, तो शहद की उस बूंद में गजब की मिठास थी।

कुछ पल बाद फिर शहद की एक और बूंद उसके मुंह में टपकी।

अब वह इतना मगन हो गया कि अपनी मुश्किलों को भूल गया।

तभी उस जंगल से शिव एवं पार्वती अपने वाहन से गुजरे।

पार्वती ने शिव से उसे बचने का अनुरोध किया।

भगवान शिव ने उसके पास जाकर कहा - मैं तुम्हें बचाना चाहता हूं। मेरा हाथ पकड़ लो।
उस इंसान ने कहा कि एक बूंद शहद और चाट लूं, फिर चलता हूं।

एक बूंद, फिर एक बूंद और हर एक बूंद के बाद अगली बूंद का इंतजार।

आखिर थक-हारकर शिवजी चले गए।

मित्रों..
वह जिस जंगल में जा रहा था,
वह जंगल है 👉🏽दुनिया,
अंधेरा है 👉🏽अज्ञान -
पेड़ की डाली है 👉🏽आयु
दिन-रात रूपी चूहे उसे कुतर रहे हैं।

घमंड का मदमस्त हाथी पेड़ को उखाडऩे में लगा है।

शहद की बूंदें सांसारिक सुख हैं, जिनके कारण मनुष्य खतरे को भी अनदेखा कर देता है.....।

यानी,
सुख की माया में खोए मन को भगवान भी नहीं बचा सकते......।

Friday, 25 March 2016

भरोसा खुद पर रखें तो ताक़त


भरोसा खुद पर रखें तो ताक़त बन जाती है

और दूसरों पर रखें तो कमज़ोरी बन जाती है।

एक पहचान हज़ारो दोस्त बना देती हैं

एक पहचान हज़ारो दोस्त बना देती हैं,
एक मुस्कान हज़ारो गम भुला देती हैं
ज़िंदगी के सफ़र मे संभाल कर चलना
एक ग़लती हज़ारो सपने जला देती है |

सिखा दिया वक्त ने मुझे

सिखा दिया वक्त ने मुझे
अपनों पे भी शक करना, वरना फितरत थी 
गैरों पे भी भरोसा करना

रिश्ते ख़ून के नहीं,

रिश्ते ख़ून के नहीं,
रिश्ते एहसास के होते हैं, अगर एहसास हो तो
अजनबी भी अपने अगर एहसास ना हो तो 
अपने भी अजनबी होते हैं