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Thursday, 12 May 2016

एक शराब की दुकान मे लिखी कुछ सच्ची लाईन

"एक शराब की दुकान मे लिखी कुछ सच्ची लाईन "

तुम किसी लडकी से
         सच्चा प्यार करते हो तो,
तुमहे एक दिन मुझसे भी
             प्यार हो जायेगा...!!!

शख्सियत, ए ‘लख्ते-जिगर’, कहला न सका ।

शख्सियत, ए ‘लख्ते-जिगर’, कहला न सका ।
जन्नत.. के धनी पैर.. कभी सहला न सका ।
दुध, पिलाया उसने छाती से निचोड़कर,
मैं ‘निकम्मा’, कभी 1 ग्लास पानी पिला न सका ।
बुढापे का सहारा.. हूँ ‘अहसास’ दिला न सका
पेट पर सुलाने वाली को ‘मखमल, पर सुला न सका ।
वो ‘भूखी’, सो गई ‘बहू’, के ‘डर’, से एकबार मांगकर,
मैं सुकुन.. के ‘दो, निवाले उसे खिला न सका ।
नजरें उन बुढी, आंखों.. से कभी मिला न सका ।
वो दर्द, सहती रही में खटिया पर तिलमिला न सका ।
जो हर रोज ममता, के रंग पहनाती रही मुझे,
उसे दीवाली पर दो जोड़, कपडे सिला न सका ।
बिमार बिस्तर से उसे शिफा, दिला न सका ।
खर्च के डर से उसे बडे़ अस्पताल, ले जा न सका ।
माँ के बेटा कहकर दम, तौडने बाद से अब तक सोच रहा हूँ,
दवाई, इतनी भी महंगी.. न थी के मैं ला ना सका ।

जिन्दगी की दौड़ में, तजुर्बा कच्चा ही रह गया

जिन्दगी की दौड़ में,
तजुर्बा कच्चा ही रह गया...
हम सिख न पाये 'फरेब'
और दिल बच्चा ही रह गया !
बचपन में जहां चाहा हंस लेते थे,
जहां चाहा रो लेते थे...
पर अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए
और आंसुओ को तन्हाई !
हम भी मुस्कराते थे कभी बेपरवाह अन्दाज़ से...
देखा है आज खुद को कुछ पुरानी तस्वीरों में !
चलो मुस्कुराने की वजह ढुंढते हैं...
जिन्दगी तुम हमें ढुंढो...
हम तुम्हे ढुंढते हैं ...!!!

Tuesday, 5 April 2016

लौट आता हूँ वापस घर की तरफ... हर रोज़ थका-हारा,



लौट आता हूँ वापस घर की तरफ... हर रोज़ थका-हारा,
आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ या काम करने के लिए जीता हूँ।
बचपन में सबसे अधिक बार पूछा गया सवाल -
"बङे हो कर क्या बनना है ?"
जवाब अब मिला है, - "फिर से बच्चा बनना है.
“थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी
मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे...!!”
दोस्तों से बिछड़ कर यह हकीकत खुली...
बेशक, कमीने थे पर रौनक उन्ही से थी!!
भरी जेब ने ' दुनिया ' की पहेचान करवाई और खाली जेब ने ' अपनो ' की.
जब लगे पैसा कमाने, तो समझ आया,
शौक तो मां-बाप के पैसों से पुरे होते थे,
अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पुरी होती है। ...!!!
हंसने की इच्छा ना हो...
तो भी हसना पड़ता है...
.
कोई जब पूछे कैसे हो...??
तो मजे में हूँ कहना पड़ता है...
.
ये ज़िन्दगी का रंगमंच है दोस्तों....
यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है.
"माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती...
यहाँ आदमी आदमी से जलता है...!!"
दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट,
ये ढूँढ रहे है की मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं,
पर आदमी ये नहीं ढूँढ रहा
कि जीवन में मंगल है या नहीं।
मंदिर में फूल चढ़ा कर आए तो यह एहसास हुआ कि...
पत्थरों को मनाने में ,
फूलों का क़त्ल कर आए हम
गए थे गुनाहों की माफ़ी माँगने ....
वहाँ एक और गुनाह कर आए हम ।।
अगर दिल को छु जाये तो शेयर जरूर करे..

आगे सफर था और पीछे हमसफर था..


आगे सफर था और पीछे हमसफर था..

रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हमसफर छूट जाता..

मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी..
ए दिल तू ही बता,उस वक्त मैं कहाँ जाता...
मुद्दत का सफर भी था और बरसो
का हमसफर भी था
रूकते तो बिछड जाते और चलते तो बिखर जाते....
यूँ समँझ लो,
प्यास लगी थी गजब की...
मगर पानी मे जहर था...
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.


बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!

वक़्त ने कहा.....काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा....काश थोड़ा और वक़्त होता!!!

सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब...।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।


"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है और "किस्मत" महलों में राज करती है!!

"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,
पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"..
अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!!
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया....
अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ......

Friday, 25 March 2016

भरोसा खुद पर रखें तो ताक़त


भरोसा खुद पर रखें तो ताक़त बन जाती है

और दूसरों पर रखें तो कमज़ोरी बन जाती है।

एक पहचान हज़ारो दोस्त बना देती हैं

एक पहचान हज़ारो दोस्त बना देती हैं,
एक मुस्कान हज़ारो गम भुला देती हैं
ज़िंदगी के सफ़र मे संभाल कर चलना
एक ग़लती हज़ारो सपने जला देती है |

सिखा दिया वक्त ने मुझे

सिखा दिया वक्त ने मुझे
अपनों पे भी शक करना, वरना फितरत थी 
गैरों पे भी भरोसा करना

रिश्ते ख़ून के नहीं,

रिश्ते ख़ून के नहीं,
रिश्ते एहसास के होते हैं, अगर एहसास हो तो
अजनबी भी अपने अगर एहसास ना हो तो 
अपने भी अजनबी होते हैं

जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है


जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है;
कभी हंसती है तो कभी रुलाती है;
पर जो हर हाल में खुश रहते हैं;
जिंदगी उनके आगे सर झुकाती है

दीवानगी मे कुछ एसा कर जाएंगे


दीवानगी मे कुछ एसा कर जाएंगे।
महोब्बत की सारी हदे पार कर जाएंगे।
वादा है तुमसे ।
दिल बनकर तुम धड़कोगे और सांस बनकर हम आएँगे।

दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं

दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं पर दोस्ती के
मामले में सच्चे है... 
हमारी सच्चाई बस इस बात
पर कायम है, की हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे है...


ऐ सनम कभी प्यार मत करना

ऐ सनम कभी प्यार मत करना,
हो जाये तो इंकार मत करना,
निभा सको तो निभा देना,
लेकिन किसी की जिंदगी बरबाद मत करना

Sunday, 1 November 2015

जल्दबाजी में शादी करके सारा जीवन बिगाड़ लोगे…

राकेश: यार पप्पू जरा शादी पर कोई बकवास सी शायरी सुना?
पप्पू: अर्ज है…
जल्दबाजी में शादी करके सारा जीवन बिगाड़ लोगे…
जल्दबाजी में शादी करके सारा जीवन बिगाड़ लोगे…
और अगर सोच-समझ कर भी करोगे तो कौन सा कुछ उखाड़ लोगे?

आगे सफर था और पीछे हमसफर था..

आगे सफर था और पीछे हमसफर था..
रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हमसफर छूट जाता..

मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी..
ए दिल तू ही बता,उस वक्त मैं कहाँ जाता...
मुद्दत का सफर भी था और बरसो का हमसफर भी था
रूकते तो बिछड जाते और चलते तो बिखर जाते....



यूँ समँझ लो,
प्यास लगी थी गजब की...
मगर पानी मे जहर था...
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.

बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!

वक़्त ने कहा.....काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा....काश थोड़ा और वक़्त होता!!!

सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब...।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।


"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है और "किस्मत" महलों में राज करती है!!



"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,
पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"...

Monday, 8 June 2015

सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं


सोचा याद न करके थोड़ा तड़पाऊं उनको किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको पर चोट लगेगी उनको तो दर्द मुझको ही होगा अब ये बताओ किस तरह सताऊं उनको

ज़िन्दगी में जो भी हाँसिल करना हो


ज़िन्दगी में जो भी हाँसिल करना हो, उसे वक्त पर हाँसिल करो । क्योंकि, ज़िन्दगी मौके कम और धोखे ज्यादा देती है|

न कोई किसी से दूर होता है


न कोई किसी से दूर होता है,
न कोई किसी के करीब होता है,
प्यार खुद चल कर आता है,
जब कोई किसी का नसीब होता है!

हम तो अपनी तन्हाइयों


हम तो अपनी तन्हाइयों से तंग आ कर
मोहबत की तलाश मैं निकले थे,
हमें तो मोहबत भी ऐसी मिली
जो और तनहा कर गयी

हर लड़के को परांठे और


जरा गौर फरमाइयेगा...
हर लड़के को परांठे और
हर लड़की को कराटे जरूर सीखना चाहिए।
पता नहीं कब इनकी जरुरत पड जाए