मेघ आते तो बहुत हैं, मगर कुछ ही बरसते हैं।
फूल खिलते बहुत हैं, मगर कुछ ही महकते हैं।
आते और जाते, इंसान तो बहुत हैं इस धरा पर।
मगर समय की कीमत को, कुछ ही समझते हैं।
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समय का हर क्षण जीवन का स्वर्ण कण है। हर मनुष्य को समय का बोध और समय की चेतना होनी चाहिए। हमें अपने जीवन को अच्छे संस्कारों, विचारों और कृत्यों के द्वारा संवारना चाहिए।
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फूल खिलते बहुत हैं, मगर कुछ ही महकते हैं।
आते और जाते, इंसान तो बहुत हैं इस धरा पर।
मगर समय की कीमत को, कुछ ही समझते हैं।
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समय का हर क्षण जीवन का स्वर्ण कण है। हर मनुष्य को समय का बोध और समय की चेतना होनी चाहिए। हमें अपने जीवन को अच्छे संस्कारों, विचारों और कृत्यों के द्वारा संवारना चाहिए।
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